मेहंदीपुर बालाजी धाम

मेहंदीपुर बालाजी बजरंगबली को समर्पित प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहां अपनी मनोकामनाआें के लिए देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु आते हैं। यह स्थान प्रेत बाधा से पीड़ित लोगाें के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। बालाजी की कृपा से यहां लोगों को प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है। जानिए मेहंदीपुर बालाजी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जिनका ध्यान रखना जरूरी है 

यहां बालाजी के सीने के बाईं ओर एक छोटा-सा छिद्र है। इसमें से जल बहता है। मंदिर में 3 देवता विराजमान हैं - बालाजी, प्रेतराज और भैरव।

इन तीनों देवताओं को विभिन्न प्रकार के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। बालाजी महाराज लड्डू से प्रसन्न हो जाते हैं। वहीं भैरव को उड़द और प्रेतराज को चावल का भोग लगाया जाता है।

बालाजी के धाम की यात्रा करने से कम से कम एक हफ्ते पूर्व प्याज, लहसुन, मदिरा, मांस, अंडा और शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए।
कहते हैं कि बालाजी के प्रसाद के दो लड्डू अगर प्रेतबाधा से पीड़ित व्यक्ति को खिलाए जाएं तो उसके शरीर में स्थित प्रेत को भयंकर कष्ट होता है और वह छटपटाने लगता है।
मेहंदीपुर में चढ़ाया गया प्रसाद यहीं पूर्ण कर जाएं। इसे घर पर ले जाने का निषेध है। खासतौर से जो लोग प्रेतबाधा से परेशान हैं, उन्हें और उनके परिजनों को कोई भी मीठी चीज और प्रसाद आदि साथ लेकर नहीं जाना चाहिए।
जितने समय बालाजी की नगरी में रहें, ब्रह्मचर्य का पालन करें। ऐसा कोई भी कार्य न करें जो धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध हो।

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