Posts

तेरे जैसा राम भगत कोई हुआ ना होगा मतवाला

Image
तेरे जैसा राम भगत कोई हुआ ना होगा मतवाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला। आज अवध की शोभी लगती स्वर्ग लोक से भी प्यारी, १४ वर्षों बाद राम की राजतिलक की तयारी। हनुमत के दिल की मत पूछो झूम रहा है मतवाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला॥ रतन जडित हीरो का हार जब लंकापति ने नज़र किया, राम ने सोचा आभूषण है सीता जी की और किया। सीता ने हनुमत को दे दिया, इसे पहन मेरे लाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला॥ हार हाथ में ले कर हनुमत गुमा फिरा कर देख रहे, नहीं समझ में जब आया तब तोड़ तोड़ कर फैंक रहे। लंकापति मन में पछताया, पड़ा है बंदिर से पाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला॥ लंकापति का धीरज टूटा क्रोध की भड़क उठी ज्वाला, भरी सभा में बोल उठा क्या पागल हो अंजलि लाला। अरे हार कीमती तोड़ डाला, पेड़ की डाल समझ डाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला॥ हाथ जोड़ कर हनुमत बोले, मुझे है क्या कीमत से काम, मेरे काम की चीज वही है, जिस में बसते सीता राम। राम नज़र ना आया इसमें, यूँ बोले बजरंग बाला, एक ज़रा सी बात की खातिर सीना फाड़ दिखा डाला॥ इतनी बात सु...

दुनिया चले ना श्री राम के बिना

Image
दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना। जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है, रावन मरे नी श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना॥ लक्षण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था, लक्षण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना हनुमान के बिना॥ सीता हरण की कहानी सुनो, बनवारी मेरी जुबानी सुनो, वापिस मिला ना श्री राम के बिना, पता चले ना हनुमान के बिना॥ बैठे सिंघासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हैं हनुमान जी, मुक्ति मिला ना श्री राम के बिना, भक्ति मिले ना हनुमान के बिना॥ श्रेणीहनुमान भजन

जय जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करो महाराज

Image
दोहा: बेगी हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो | कौन से संकट मोर गरीब को जो तुम से नहीं  जात है टारो || जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करो महाराज | तन मे तुम्हरे शक्ति विराजे, मन भक्ति से भीना | जो जन तुम्हरी शरण मे आये, दुःख दरद हर लीना | महावीर प्रभु हम दुखियन के तुम हो गरीब नवाज || राम लखन वैदेही तुम पर सदा रहे हर्षाये | हृदय चीर के सारे जग को, राम सीय दर्शाए | दोऊ कर जोड़ अरज हनुमंता कहिओ प्रबु से आज || राम भजन के तुम हो रसिया, हनुमत मंगलकारी | अर्चन वंदन करते तेरा दुनिया के नर नारी | राम नाम जप के हनुमंता बने भगतन सरताज || श्रेणीहनुमान भजन

खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा

Image
सुबह शाम आठो याम यहीं नाम लिए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा लिखा था राम नाम वो, पथ्थर भी तर गए किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए बस नाम का रसपान, ए इंसान किए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा राम नाम की धुन पे नाचे हो कर के मतवाला बजरंगी सा इस दुनिया में कोई ना देखा भाला जो भी हनुमत में दर पे आता, उसका संकट ताला मुख में राम, तन में राम, जापे राम राम की माला जहाँ राम का कीर्तन वही हनुमान जति हो गोदी मे गणपति को लें शिव पार्वती हो सियाराम की कृपा से सौ साल जिए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा जिसपे दया श्री राम की, बाका न बाल हो उसका सहाय ‘लक्खा’ अंजनी का लाल हो ‘राजपाल’ तू हर हाल में जैकार किए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा स्वरलखबीर सिंह लक्खा श्रेणीहनुमान भजन

श्री लक्ष्मी चालीसा - laxmi chalisa in hindi

Image
॥दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदम्बिका॥ ॥चौपाई॥ सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान, बुद्धि, विद्या दो मोही॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरवहु आस हमारी॥ जय जय जगत जननि जगदम्बा। सबकी तुम ही हो अवलम्बा॥ तुम ही हो सब घट घट वासी। विनती यही हमारी खासी॥ जगजननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी॥ विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करौ जग जननि भवानी॥ केहि विधि स्तुति करौं तिहारी। सुधि लीजै अपराध बिसारी॥ कृपा दृष्टि चितववो मम ओरी। जगजननी विनती सुन मोरी॥ ज्ञान बुद्धि जय सुख की दाता। संकट हरो हमारी माता॥ क्षीरसिन्धु जब विष्णु मथायो। चौदह रत्न सिन्धु में पायो॥ चौदह रत्न में तुम सुखरासी। सेवा कियो प्रभु बनि दासी॥ जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा। रुप बदल तहं सेवा कीन्हा॥ स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा। लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा॥ तब तुम प्रगट जनकपुर माहीं। सेवा कियो हृदय पुलकाहीं॥ अपनाया तोहि अन्तर्यामी। विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी॥ तुम सम प्रबल शक्ति नहीं आनी। कहं लौ महि...

श्री दुर्गा चालीसा

Image
॥चौपाई॥ नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लय कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥ रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि-मुनिन उबारा॥ धरा रूप नरसिंह को अम्बा। प्रगट भईं फाड़कर खम्बा॥ रक्षा कर प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥ लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥ क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥ हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥ मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥ श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥ केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥ कर में खप्पर-खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजे॥ सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥ नगर कोटि में तुम्हीं विरा...

मेहंदीपुर बालाजी धाम

मेहंदीपुर बालाजी बजरंगबली को समर्पित प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहां अपनी मनोकामनाआें के लिए देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु आते हैं। यह स्थान प्रेत बाधा से पीड़ित लोगाें के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। बालाजी की कृपा से यहां लोगों को प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है। जानिए मेहंदीपुर बालाजी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जिनका ध्यान रखना जरूरी है  यहां बालाजी के सीने के बाईं ओर एक छोटा-सा छिद्र है। इसमें से जल बहता है। मंदिर में 3 देवता विराजमान हैं - बालाजी, प्रेतराज और भैरव। इन तीनों देवताओं को विभिन्न प्रकार के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। बालाजी महाराज लड्डू से प्रसन्न हो जाते हैं। वहीं भैरव को उड़द और प्रेतराज को चावल का भोग लगाया जाता है। बालाजी के धाम की यात्रा करने से कम से कम एक हफ्ते पूर्व प्याज, लहसुन, मदिरा, मांस, अंडा और शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए। कहते हैं कि बालाजी के प्रसाद के दो लड्डू अगर प्रेतबाधा से पीड़ित व्यक्ति को खिलाए जाएं तो उसके शरीर में स्थित प्रेत को भयंकर कष्ट होता है और वह छटपटाने लगता है। मेहंदीपुर में चढ़ाया गया प्रसाद यहीं पूर्ण कर जाएं। इसे घर पर ले जाने का निषेध ...